तुम्हारी याद मे मैं कितनी रात जगी
छोड़कर हर खुशी को बस तुम्हारी खुशी देखी
रात निकल जाती है रोते रोते
सुबह उठकर फिर सबसे छुपकर अपना मुँह धोते
अब सोचती हूँ क्या कहुँ तुझे
क्योंकि मैं जो भी कहूँ, झूठ लगता है तुझे
पानी गरम हो गया,हां ले जाइए अरे! दे दो ना मैं उघेले बदन खड़ा हूं ठंड लग रही है। अच्छा रुकिए लाती हूं।फिर क्या रीमा आटा लगे हाथ से पानी क...
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